हिंदी टाइपिंग फॉन्ट: Mangal, Nirmala UI, Krutidev — कौन-सा कब
अंग्रेज़ी में फ़ॉन्ट सिर्फ़ अक्षरों की शक्ल बदलता है। हिंदी में पुराने फ़ॉन्ट कीबोर्ड का पूरा तरीका भी बदल देते थे। इसलिए हिंदी टाइपिंग फॉन्ट को दो समूहों में समझें।
Unicode फ़ॉन्ट
Mangal, Nirmala UI, Kokila, Aparajita, Utsaah (Windows के साथ आते हैं), और Noto Sans Devanagari। इनमें लिखा पाठ हर कंप्यूटर, फ़ोन, ईमेल और वेबसाइट पर सही दिखता है, खोजा जा सकता है, और फ़ॉन्ट बदलने पर भी अक्षर वही रहते हैं। INSCRIPT और Phonetic कीबोर्ड इन्हीं के साथ चलते हैं।
पुराने (गैर-Unicode) फ़ॉन्ट
Krutidev 010, DevLys 010 जैसे फ़ॉन्ट अंग्रेज़ी अक्षरों की जगह पर हिंदी आकृतियाँ बनाते हैं, और आम तौर पर Remington लेआउट से टाइप होते हैं। जिस कंप्यूटर में वही फ़ॉन्ट न हो, वहाँ पाठ अंग्रेज़ी के बेमतलब अक्षर बन जाता है। Unicode में बदलने के लिए कन्वर्टर ढूँढने पड़ते हैं।
कौन-सा कब
- नया काम, ईमेल, वेबसाइट, सोशल मीडिया: Unicode (Mangal या Nirmala UI)।
- परीक्षा: अधिसूचना जो कहे — कई परीक्षाएँ Mangal/INSCRIPT, कुछ Krutidev/Remington माँगती हैं।
- पुरानी फ़ाइलें: Krutidev में हैं तो उसी में खोलें, या Unicode में बदलें।
KPC Typing पर अभ्यास Unicode में होता है, यानी जो सीखेंगे वह हर आधुनिक जगह काम आएगा। लेआउट का फ़र्क यहाँ देखें।